भारतीय टीम को विश्व चैंपियन बनाने वाला खिलाड़ी आज 250 रुपए प्रतिदिन मजदूरी करने को मजबूर, गुजरात की राज्य सरकार से तीन बार मांग चुके हैं नौकरी ?

एक तरफ टोक्यो ओलिंपिक में देश के लिए पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़‍ियों पर सरकारें, संस्‍थाएं जमकर पैसा बरसा रही है इतना ही नहीं देश के लिए मैडल जीतने वाले इन खिलाड़ियों को ब्रांड अम्‍बेस्‍डर बनाने समेत कंपनियां कई बड़ें करार भी कर रही हैं. जाहिर तौर पर इन खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है.

क्रिकेट टीम के खिलाड़ी की जिसने टीको विश्व कप जीताने में अहम भूमिका निभाई थी और आज मजदूरी करके किसी ी जिसमे टीम इंडिया का हिस्सा रहे नरेश तुमदा जो की गुजरात के नवसारी के रहने वाले है

नरेश तुमदा 2018 में हुए नेत्रहीन विश्व कप विजेता टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे,उन्होंने मार्च में शारजाह स्टेडियम में खेले गए फाइनल में चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान द्वारा 308 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय नेत्रहीन क्रिकेट टीम को चैंपियन बनाया था.

प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे नरेश तुमदा

दरअसल ये कहानी 2018 में नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता में टीम इंडिया का हिस्सा रहे नरेश तुमदा की है. गुजरात के नवसारी के नेत्रहीन क्रिकेटर नरेश तुमदा विश्व कप विजेता टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे,

जिसने मार्च में शारजाह स्टेडियम में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान द्वारा 308 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय नेत्रहीन क्रिकेट टीम को चैंपियन बनाया था.

गुजरात में सीएम साहब से लगा चुके नौकरी की गुहार, लेकिन हर बार निराशा लगी हाथ

नरेश तुमदा आज मजदूरों की तरह काम करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है. कभी भारत को नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप 2018 जीतने में मदद करने वाली टीम के सदस्य नरेश तुमदा को अब आजीविका कमाने के लिए नवसारी में मजदूरी करनी पड़ रही है

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उनका कहना है “मैं प्रतिदिन 250 रुपये कमाता हूं. तीन बार सीएम से अनुरोध कर चुका हु लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला. मैं सरकार से नोकरी की विनती करना चाहता हु जिससे में अपने परिवार का लालन पालन कर सकूं.”नरेश का कहना है

कि वो गुजरात के मुख्यमंत्री से सरकारी नौकरी की गुहार लगा चुका है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. नरेश तुमदा आज मजदूरों की तरह काम करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है.

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